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48 बीमारियां  48 मंत्र 1 ऐप

स्वस्थ रहने का संपूर्ण विज्ञान


अच्छी सेहत : ॥सोहम॥

मुद्रा: ज्ञान मुद्रा

अपनी सुविधानुसार रोज़ इस मंत्र का जाप करें. वैसे सुबह इस मंत्र को 15-20 मिनट जाप करने से जल्दी लाभ होता है. श्‍वास लेते समय सो कहें और श्‍वास बाहर छोड़ते समय हम.

तनाव व डिप्रेशन : ॥ ॐ शोक विनाशीभ्याम् नमः ॥

मुद्रा: हाकिनी मुद्रा

अपनी सुविधानुसार मंत्र का जाप करें. बेहतर परिणाम के लिए रोज़ाना सूर्योदय से पहले उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके 25-30 मिनट तक जाप करें.

डायबिटीज़ : ॥ ॐ अग्नि देवाय नमः ॥

मुद्रा: समान मुद्रा

अपनी सुविधानुसार मंत्र का जाप करें. बेहतर परिणाम के लिए सूर्योदय से पहले 20 मिनट रोज़ाना इसका जाप करें.

मोटापा : ॥ॐ वरुणाय नमः॥

मुद्रा: सूर्य मुद्रा

अपनी सुविधानुसार मुद्रा के साथ मंत्रोच्चार करें. बेहतर लाभ के लिए दिन के समय, सूर्य की मौजूदगी में या फिर सूर्योदय से पहले खाली पेट, स्नान के बाद जाप करें. 15 मिनट तक जाप करें, मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर रखें.

रक्तचाप : ॥ॐ भवानी पांडुरंगा॥

मुद्रा: लिंग मुद्रा

अपनी सुविधानुसार मंत्र का मुद्रा के साथ जाप करें. बेहतर लाभ के लिए रोज़ 15 मिनट सुबह और 15 मिनट शाम सूर्यास्त से पहले इसका जाप करें. इसे खुली हवा या खिड़की के सामने न करें. कमरे में सामान्य तापमान में करें.

पाचन तंत्र : ॥ रं ॥

मुद्रा: समान मुद्रा

अपनी सुविधानुसार मंत्र का मुद्रा के साथ जाप करें. यदि रोज़ सुबह सूर्योदय से पहले 15 मिनट तक उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके जाप करेंगे, तो बेहतर लाभ मिलेगा. आंखें बंद और मन शांत रखें.

गहरी नींद : ॥ॐ अगस्ती शयीना:॥

मुद्रा: ज्ञान मुद्रा

श्‍वास-प्रश्‍वास के साथ सोते समय इसका जाप करें. मन-मस्तिष्क को शांत रखें.

लंबी आयु : ॥ ओम त्रयंबकं यजामहे, सुगंधिम् पुष्टिवर्धनम् उर्वारूकमिव बंधनान्, मृत्योर्मोक्षीयमामृतात्॥

मुद्रा: प्राण मुद्रा

शुरुआत में हल्के स्वर में जाप करें, बाद में मन ही मन जाप करें. अपनी सुविधानुसार कर सकते हैं, लेकिन रोज़ सूर्योदय से 96 मिनट पहले यानी ब्रह्म मुहूर्त में और शाम को सूर्यास्त से पहले जाप करेंगे, तो बेहतर परिणाम मिलेंगे.

मस्तिष्क एवं फेफड़े संबंधी बीमारी : ॥ॐ श्री गणेशाय नम:॥

मुद्रा: प्राण मुद्रा

अपनी सुविधानुसार करें. बेहतर लाभ के लिए रोज़ सुबह 15 मिनट मन ही मन जाप करें.

कब्ज़ व गैस : ॥ ॐ हं हनुमंतये नमः ॥

मुद्रा: अपान वायु मुद्रा

अपनी सुविधानुसार मुद्रा के साथ मंत्र का जाप करें. बेहतर परिणाम के लिए सूर्योदय से पहले, 2 ग्लास गुनगुना पानी पीकर 15-20 मिनट तक जाप करें.

माइग्रेन : ॥ॐ नम: शिवाय॥

मुद्रा: अपान वायु मुद्रा या फिर महासिर मुद्रा

रोज़ 15 मिनट तक अपनी सुविधानुसार जाप करें.

इंफर्टिलिटी : ॥ ॐ काम देवाय नमः ॥

मुद्रा: लिंग मुद्रा + अग्निसार क्रिया

अपनी सुविधानुसार मुद्रा के साथ मंत्र का जाप करें. बेहतर लाभ के लिए रोज़ ब्रह्म मुहूर्त में 5 राउंड्स कपल (पति-पत्नी) खाली पेट मुद्रा के साथ इसका जाप करें.

एसिडिटी : ||ॐ अग्नि देवाय नमः||

मुद्रा: समान मुद्रा

अपनी सुविधानुसार जाप करें. बेहतर लाभ के लिए रोज़ सुबह सूर्योदय से पहले 15-20 मिनट जाप करें. संतुलित आहार लें और तनाव से दूर रहें.

लंग्स : ॥ ॐ हं हनुमंतये नमः ॥

मुद्रा: प्राण मुद्रा

अपनी सुविधानुसार मंत्र का जाप करें. बेहतर परिणाम के लिए रोज़ाना सूर्योदय के बाद 15-20 मिनट तक जाप करें.

जोड़ों का दर्द : ॥ॐ सूर्याय नमः ॥

मुद्रा: प्राण मुद्रा

रोज़ाना सूर्योदय के बाद अपनी सुविधानुसार 10, 15, 20 या 30 मिनट तक मन ही मन जाप करें.

एलर्जी-इंफेक्शन्स : ॥ हरि ॐ शांतिः शांतिः शांतिः ॥

मुद्रा: शंख मुद्रा

अपनी सुविधानुसार मंत्र का जाप करें. बेहतर लाभ के लिए बंद आंखों से, उत्तर या पूर्व की ओर मुख करके, सूर्योदय के बाद 20-25 मिनट या जब तक कर सकें, मुद्रा धारण करके जाप करें.

आंखों के रोग : ॥ॐ सूर्याय नमः ॥

मुद्रा: त्राटक

अपनी सुविधानुसार मुद्रा के साथ मंत्रोच्चार करें. बेहतर लाभ के लिए सूर्योदय के समय सूर्य की ओर मुख करके 15-20 मिनट रोज़ाना मन ही मन जाप करें.

गर्भावस्था के दौरान : || ॐ नम: शिवाय ||, ॥ ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् ॥

मुद्रा: ध्यान मुद्रा

अपनी सुविधानुसार करें.

टीबी, टायफॉइड, निमोनिया : ॥ श्री गणेशाय नमः ॥

मुद्रा: सूर्य मुद्रा

अपनी सुविधानुसार मुद्रा के साथ मंत्र का जाप करें. बेहतर लाभ के लिए सूर्योदय के बाद, पूर्व दिशा की ओर मुख करके 15 मिनट खाली पेट जाप करें. शाम को भी सूर्यास्त से पहले 15 मिनट करें.

एनीमिया : ॥ॐ नम: शिवाय॥

मुद्रा: वरुण मुद्रा

सुबह, दोपहर, शाम 11 मिनट रोज़ मुद्रा के साथ अपनी सुविधानुसार जाप करें.

गुस्से को नियंत्रित करने के लिए : ॥ ॐ विश्‍वनये नमः ॥

मुद्रा: ध्यान मुद्रा

अपनी सुविधानुसार मंत्र का जाप करें. बेहतर लाभ के लिए सूर्योदय से 96 मिनट पहले (ब्रह्म मुहूर्त) 25-30 मिनट तक जाप करें.

बुखार : ॥ॐ धंवंतरे नम: ॥ या ॥ ॐ कुल देवताय नम:॥

मुद्रा: हाकिनी मुद्रा

या अपने ईष्ट देव को याद करें या फिर ॐ नम: शिवाय

दिन में 5-6 बार या फिर अपनी सुविधानुसार इसका जाप करें. रिलैक्स रहें. कोई योगा या प्राणायाम न करें.

हृदय और रक्त : ॥ॐ नम: शिवाय॥

मुद्रा: संजीवनी मुद्रा

आंखें बंद करके, उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके अपनी सुविधानुसार करें. खाना खाने से फ़ौरन पहले या फ़ौरन बाद न करें. बेहतर परिणाम के लिए खाली पेट सुबह सूर्योदय से पहले 15-20 मिनट जाप करें.

लिवर : ॥ ॐ अग्नि देवाय नमः ॥

मुद्रा: समान मुद्रा

अपनी सुविधानुसार मंत्र का जाप करें. बेहतर परिणाम के लिए रोज़ाना सूर्योदय के बाद सूर्य की ओर मुख करके 20-25 मिनट जाप करें.

सर्दी, ज़ुकाम, खांसी के लिए : ॥ ॐ यं यं घण्टाभ्यं नमः ॥

मुद्रा: लिंग मुद्रा

10-15 मिनट तक, सुबह नहाने के बाद अपनी सुविधानुसार जाप करें. कभी भी स्नान से पहले मंत्रोच्चार के लिए न बैठें. चाहें, तो शरीर पर शॉल या कंबल डाल लें. उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करें.

किडनी संबंधी रोग : ॥ श्री वरुण देवताये नमः ॥

मुद्रा: वरुण मुद्रा

अपनी सुविधानुसार मंत्रोच्चार करें. बेहतर लाभ के लिए रोज़ सूर्योदय से पहले 20-25 मिनट जाप करें. मुद्रा धारण करना न भूलें.

फोबिया : ॥ श्री कलि देवताये नमः ॥

मुद्रा: अभय मुद्रा

अपनी सुविधानुसार मुद्रा के साथ मंत्र का जाप करें. बेहतर लाभ के लिए सूर्योदय के समय 20 मिनट रोज़ाना जाप करें.

मेमरी : ॥ ॐ सरस्वतैय नमः ॥

मुद्रा: हाकिनी मुद्रा

अपनी सुविधानुसार मंत्र का जाप करें. बेहतर परिणाम के लिए सूर्योदय से पहले 15-20 मिनट रोज़ाना जाप करें.

पीलिया : ॥ रं ॥

मुद्रा: प्राण मुद्रा

अपनी सुविधानुसार इसका जाप करें. बेहतर लाभ के लिए रोज़ 12-15 मिनट सुबह, दोपहर और शाम को इसका जाप करें. थोड़ा ज़ोर से बोलें. पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके जाप करें.

पार्किंसन्स : ॥ ॐ यं यं घण्टाभ्यं नमः ॥

मुद्रा: हाकिनी मुद्रा

अपनी सुविधानुसार मंत्र का जाप करें. बेहतर लाभ के लिए सूर्योदय के समय सूर्य की ओर मुख करके 40-50 मिनट या जब तक आपके लिए संभव हो, तब तक करें.

संक्रामक रोग : ॥ॐ चामुंडाये नमः ॥

मुद्रा: आकाश मुद्रा

अपनी सुविधानुसार रोज़ मुद्रा के साथ मंत्र का जाप करें. बेहतर लाभ के लिए सुबह सूर्योदय से पहले 15 मिनट और बाद में भी जाप कर सकते हैं.

यौन रोग : ॥ ॐ काम देवाय नमः ॥

मुद्रा: लिंग मुद्रा

अपनी सुविधानुसार मुद्रा के साथ मंत्र का जाप करें. बेहतर लाभ के लिए हर रोज़ सूर्योदय से पहले 20 मिनट मुद्रा के साथ जाप करें.

घबराहट : ॥ ॐ नमः शिवाय ॥

मुद्रा: शंख मुद्रा

अपनी सुविधानुसार मुद्रा के साथ मंत्र का जाप करें. बेहतर परिणाम के लिए रोज़ाना सूर्योदय से पहले 15 मिनट जाप करें.

बहरापन : ॥ ॐ दिक्देवेभ्यो भवः ॥

मुद्रा: शून्य मुद्रा

अपनी सुविधानुसार मंत्र का जाप करें. बेहतर लाभ के लिए रोज़ाना सूर्योदय के बाद 20 मिनट बंद आंखों से मंत्रोच्चार करें.

ऑस्टियोपोरोसिस : ॥ ॐ रवये नमः ॥

मुद्रा: वायु मुद्रा

अपनी सुविधानुसार मुद्रा के साथ मंत्र का जाप करें. बेहतर परिणाम के लिए सूर्योदय के समय 10-15 मिनट तक करें. ध्यान रहे, इससे अधिक अवधि तक इसे न करें.

त्वचा रोग : ॥ॐ गुरूभ्यो नम:॥

मुद्रा: अपान वायु मुद्रा

रोज़ 15 मिनट तक अपनी सुविधानुसार जाप करें. बेहतर लाभ के लिए 15 मिनट सूर्योदय से पहले (ब्रह्म मुहूर्त ) और 15 मिनट शाम को सूर्यास्त से पहले इसका जाप खाली पेट करें.

हकलाना-तुतलाना : ॥ ॐ सरस्वतैय नमः ॥

मुद्रा: आकाश मुद्रा

अपनी सुविधानुसार मुद्रा धारण करके मंत्र का जाप करें. बेहतर परिणाम के लिए सूर्योदय के समय सूर्य की ओर मुख करके ज़ोर से मंत्रोच्चार करें. रोज़ 30-40 मिनट करें.

नाड़ी तंत्र से संबंधित बीमारियां : ॥ॐ नम: शिवाय॥

मुद्रा: लिंग मुद्रा

रोज़ाना सुबह सूर्योदय से पहले या अपनी सुविधानुसार शांत मन से 15 मिनट करें.

ओरल हेल्थ : ॥ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नम:॥

मुद्रा: आकाश मुद्रा

अपनी सुविधानुसार रोज़ इस मंत्र का जाप करें. वैसे मन ही मन 10 मिनट जाप करने से जल्दी लाभ होता है. आप चाहें, तो अपने ईष्ट का भी ध्यान करते हुए मुद्रा कर सकते हैं.

गर्भाशय के रोग : ॥ ॐ नमः पार्वत्येः नमः॥

मुद्रा: हाकिनी मुद्रा

अपनी सुविधानुसार मुद्रा के साथ मंत्र का जाप करें. बेहतर लाभ के लिए सूर्योदय से पहले रोज़ 25-30 मिनट तक जाप करें.

मानसिक शांति : ॥ॐ नम: शिवाय॥

मुद्रा: शून्य मुद्रा

शुरुआत में तेज़, फिर मन में अपनी सुविधानुसार जाप करें. शांत मन से मंत्रोच्चार करें.

बेहतर लाभ के लिए सूर्योदय से 96 मिनट पहले (ब्रह्म मुहूर्त यानी अमृत बेला) खाली पेट करें.

स्वप्नदोष व प्रदर रोग : ॥ लं ॥

मुद्रा: अश्‍विनी मुद्रा

एक समय में 1 मिनट ही करें. रिलैक्स रहें.

अपनी सुविधानुसार मुद्रा के साथ मंत्र का जाप करें.

बेहतर परिणाम के लिए रोज़ाना 11 मिनट तक खाली पेट इसका जाप करें.

एडिक्शन : ॥ ॐ हं हनुमंतये नमः ॥

मुद्रा: अभय मुद्रा

अपनी सुविधानुसार मंत्र का जाप करें. बेहतर परिणाम के लिए सूर्योदय से पहले 20 मिनट रोज़ाना इसका जाप करें.

हिस्टीरिया : ॥ॐ नमः शिवाय ॥

मुद्रा: ज्ञान मुद्रा

अपनी सुविधानुसार मुद्रा के साथ मंत्रोच्चार करें. बेहतर परिणाम के लिए सूर्योदय के समय उत्तर या पूर्व दिशा में मुख करें और 15-20 मिनट तक जाप करें.

साइटिका : ॥ ॐ कुल देवताय नमः ॥

मुद्रा: वायु मुद्रा

अपनी सुविधानुसार मुद्रा के साथ मंत्रोच्चार करें. बेहतर लाभ के लिए सूर्योदय के समय पूर्व दिशा की ओर मुख करके रोज़ 10-15 मिनट तक जाप करें.

चक्कर आना : ॥ ॐ नमः शिवाय ॥

मुद्रा: ब्रह्मा मुद्रा

अपनी सुविधानुसार मंत्र का जाप करें. बेहतर लाभ के लिए मन में जाप करते हुए 5 राउंड क्लॉकवाइज़ और 5 राउंड्स एंटीक्लॉकवाइज़ करें, बाद में यह 11 रोटेशन तक बढ़ा दें.

ऑटिज़्म : ॥ॐ ॥

मुद्रा: ज्ञान मुद्रा

अपनी सुविधानुसार मंत्र का जाप करें. बेहतर परिणाम के लिए सूर्योदय के समय सूर्य की ओर मुख करके, आंखें बंद रखकर 40-50 मिनट तक जाप करें. यदि एक साथ इतनी लंबी अवधि तक संभव न हो, तो 2-3 सेक्शन्स में ब्रेक लेकर करें.

एड्स एवं कैंसर : ॥ॐ नमो नम:॥

मुद्रा: प्राण मुद्रा

रोज़ाना सुबह, दोपहर, शाम 15-15 मिनट तक जाप करें.

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